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देवशयनी एकादशी पर ये खास उपाय, होगी सभी मनोकामनाएं पूर्ण

जयपुर (24 समाचार)। हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर माह में दो बार एकादशी पड़ती है। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में।

एकादशी व्रत में भगवान विष्णु की विशेष पूजा- अर्चना की जाती है। एकादशी व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है। आज 29 जून को देवशयनी एकादशी व्रत है और अगले दिन यानी कल 30 जून को व्रत का पारण किया जाएगा। एकादशी व्रत के पारण से पहले व्रती को एकादशी व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा का पाठ करने से भगवान विष्णु की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। देवशयनी एकादशी का दिन भगवान विष्णु के उपासकों के लिए खास माना गया है। इस दिन भगवान श्रीहरि चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं इस बार देवउठनी एकादशी 23 नवंबर को होगी।

जानिए अंतरराष्ट्रीय भविष्यवक्ता पंडित रविंद्राचार्य से देवशयनी एकादशी का उपाय और महत्व।

देवशयनी एकादशी के दिन करें ये खास उपाय-

1. देवशयनी एकादशी पर दक्षिणावर्त शंख में गंगाजल भरकर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए।

2. देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर, पीले फल व पीले रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए।

3. इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी विधिवत पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

4. एकादशी के दिन शाम को तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए।

5. मान्यता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। ऐसे में एकादशी के दिन पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करना चाहिए।

6. इस दिन जरूरतमंद व गरीबों का अपनी सामर्थ्यनुसार दान देना चाहिए।

देवशयनी एकादशी का महत्व

इस पावन दिन व्रत रखने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

इस व्रत को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी का व्रत रखने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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