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बालिका वधू फ़ेम स्मिता बंसल इस रील कॉन्टेस्ट विनर के घर जाएंगी, क्या आपने अभी तक अपनी रील बनाई है?

जयपुर, (24 समाचार)। राजस्थान के सबसे प्रतिष्ठित आईवीएफ़ सेंटर्स में से एक, नीलकंठ आईवीएफ ने ‘दी जोयज़ ऑफ मदरहूड़’ विषय पर एक रील कॉन्टेस्ट शुरू किया है। इस कॉन्टेस्ट में प्रतिभागियों को अपने माँ होने के अहसास, माँ बनने की खुशी या माँ बनने के बाद उन्हें कैसा महसूस हुआ, इस पर एक रील बनानी होगी। सबसे अधिक शेअर, ल्यकस, वीयूस,कान्सैप्ट और क्रीएटिविटि वाली सर्वश्रेष्ठ रील को सलैक्ट किया जाएगा और बालिका वधू फ़ेम स्मिता बंसल कॉन्टेस्ट के विनरके घर जाएंगी और उन्हें आकर्षक पुरस्कार देंगी । तो, अपने मातृत्व की खुशियाँ साझा करने के इस अद्भुत अवसर से न चूकें।

रील कॉन्टेस्ट में एंटर करने के लिए क्या करना होगा?

• अपने पर्सनल इंस्टाग्राम अकाउंट पर कम से कम एक इंस्टाग्राम रील अपलोड करें। प्रतियोगियों द्वारा सबमिट की जाने वाली इंस्टाग्राम रील्स की संख्या की कोई सीमा नहीं है। प्रतियोगी केवल एक (1) पुरस्कार जीत सकते हैं।

• इंस्टाग्राम रील ‘दी जोयज़ ऑफ मदरहूड़’ थीम पर बनी होनी चाहिए।

• कैप्शन में उनकी रील के लिए हेशटैग के रूप में #दीजोयज़ऑफमदरहूड़ (हेशटैगअंग्रेज़ी में )और #नीलकंठआईवीएफ़जयपुर ( हेशटैगअंग्रेज़ी में )का उपयोग करें।

• नीलकंठ आईवीएफ इंस्टाग्राम अकाउंट (नीलकंठफर्टिलिटीहॉस्पिटल) को उनकी रील एंट्रीसपर टैग करें (या तो रील पर या कैप्शन में)

• सुनिश्चित करें कि उनकी रील की अधिकतम अवधि 90 सेकंड हो।

• वेरिफाये करें कि सभी एंट्रीसकी व्यूएबिलिटि सुनिश्चित करने के लिए उनका इंस्टाग्राम अकाउंट “पब्लिक अकाउंट” के रूप में सेट है।

• विडियो में कोई भी गैरकानूनी या आपत्तिजनक कंटैंट नहीं होना चाहिए जो किसी धार्मिक, राजनीतिक या किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या व्यक्तिगत भावनाओं को आहत करता हो। इस प्रकार के वीडियो को कॉन्टेस्ट से सीधे अस्वीकार कर दिया जाएगा।

• यह कॉन्टेस्ट 1 जुलाई 2023 को दोपहर 3 बजे शुरू होगा और 31 जुलाई 2023 को रात को 11:59 बजे समाप्त होगा। इस डेट और टाइम से पहले या बाद की किसी भी एंट्री को कॉन्टेस्ट के लिए कन्सिडर नहीं किया जाएगा।

• कॉन्टेस्ट विनर के चयन का पैरामीटर रील के कान्सैप्ट, क्रीएटिविटि ऑरिजिनैलिटि, उसके बनाने के तरीके, लाइकस, व्यूस और शेयर पर आधारित होंगे। विनर का चयन पूरी तरह से नीलकंठ आईवीएफ की ज्यूरी पर निर्भर करेगा।

• सभी शेष कॉन्टेस्ट नियमों का अनुपालन करें।

 

 

डॉ. सिमी सूद, निदेशक, सीनियर कंसल्टेंट रिप्रोडक्टिव मेडिसिन एंड फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, नीलकंठ आईवीएफ कहती हैं, “इस प्रतियोगिता के माध्यम से, हमारा उद्देश्य एक माँ बनने की भावना को लोगों तक पहुंचाना है। माँ के होने का एहसास तो हम सभी समझते हैं लेकिन माँ बनने का एहसास सिर्फ एक माँ ही समझ सकती है। इसीलिए हम सभी मदर्स के लिए उनकी माँ बनने की खुशियों को एक्सप्रेस करने के लिए यह रील कॉन्टेस्ट लेकर आए हैं।”

नीलकंठ आईवीएफ के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. आशीष सूद कहते हैं – “वर्तमान में इन्फर्टिलिटी लगभग 10-14% आबादी को प्रभावित कर रहा है और कई दंपति माता-पिता बनने की खुशी से वंचित महसूस कर रहे हैं। हमारा मानना है कि हर दंपति माता-पिता बनने की खुशी महसूस करने का हकदार है और हमारा लक्ष्य अपने पेशंटस को सर्वोत्तम संभव ट्रीटमंट प्रदान करना और उपलब्ध इन्फर्टिलिटी ट्रीटमंटस के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना है।”

नीलकंठ आईवीएफ, जयपुर: नीलकंठ आईवीएफ, जयपुर पूरे देश में दंपतियों को कवालिटीफर्टिलिटी ट्रीटमंटस उपलब्ध करा रहा है। यह आईवीएफ़ सेंटर इलाज से लेकर पेशंट की डिलीवरी तक हर चीज के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हुआ है। निःसंतान दंपतियों को अपना परिवार शुरू करने में सहायता करने के लिए जयपुर केंद्र विश्व स्तरीय अस्सीस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नालजी (एआरटी)से सुसज्जित है। यह सुविधा आईवीएफ़, आईयूआई, आईसीएसआई , प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली लेप्रोस्कोपिक और हिस्टेरोस्कोपी सर्जरी, भ्रूण फ्रीजिंग और विट्रिफिकेशन जैसी नई तकनीकों और प्रजनन उपचार की पेशकश करती है। यह आईवीएफ़ सेंटर एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमंट सभी प्रदान करता है जैसे लेजर-असिस्टेड हैचिंग, ओओसाइट स्पिंडल व्यू (ओएसवी), सर्वश्रेष्ठ शुक्राणु चयन के लिए आईएमएसआई के साथ ,आईसीएसआई, सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल (टीईएसए, पीईएसए , एम-टीईएसई), इत्यादि। नीलकंठ आईवीएफ के निदेशक डॉ. सिमी सूद और डॉ. आशीष सूद को दक्षिण राजस्थान में आईवीएफ लाने और क्षेत्र में “पहले टेस्ट ट्यूब बेबी” के जन्म का श्रेय दिया जाता है। नीलकंठ आईवीएफ़ 20 से अधिक वर्षों से निःसंतान दम्पतियों के घर खुशियों को जन्म देने में सहायक है और उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर में अपने आईवीएफ़ सेंटर्स का विस्तार भी कर चुका है ।

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